हम अपने DNA को कैसे बदल सकतें हैं? पूरी जानकारी

मनुष्य के DNA के बाहर जो परमाणु घूम रहें हैं, उसको उसको प्रभावित करने की उसके अन्दर शक्ति है। और जब वैज्ञानिकों ने उस DNA को बाहर निकाल दिया तो यह सोचकर की क्या होता है? जैसे ही ये बाहर निकला ये फिर होल्टेस कैल्टर हो जायेंगी। लेकिन DNA को बाहर निकालें तो परमाणु वैसे के वैसे ही उसी आकार में रहें ये इस बात को दर्शाता है, कि वो जो DNA की consious थी उस consious ने परमाणु को प्रभावित किया।

वह जो परमाणु को उसने प्रभावित किया और physical DNA बाहर हो गया। लेकिन वह consious वहां नहीं और वह उसको प्रभावित कर रही है। और उसी चीज को देखा गया कि जिस स्थिति में हजारों मील दूर अगर किसी मनुष्य का DNA रख दिया जाये। और उस मनुष्य की इमोशनल फीलिंग्स जो कभी वह सुखी है। तो कभी वह दुखी है। तो जो भी उसकी इमोशनल फीलिंग्स होंगी। हजारों मीलों दूर जो DNA है उसके व्यवहार में बदलाव आ रहे थे। और उसके आस-पास जितने भी परमाण्विक अणु जो फ्लोट कर रहें हैं। उनके अन्दर भी एक बदलाव आना शुरू हो जाता है।

इसीलिए मनुष्य को इस पूरे ब्रम्हाण्ड का सर्वोत्तम जीव कहा गया है। क्योंकि मानव ब्रम्हाण्ड में अपनी इमोशनल फीलिंग्स को बदलकर कुछ भी प्राप्त कर सकता है। और यही मानव negativity को पप्राप्त करके नर्क यानि negativity को प्राप्त करके दुःख को उत्पन्न कर सकता है। यही मानव positivity को प्राप्त होकर दुनिया में अच्छे से अच्छा काम कर सकता है। और यही मानव घोर से घनघोर विनाशकारी कर्म को भी कर सकता है। इसीलिए हम यह मानतें है कि आपके अन्दर सब कुछ है उसे चुनने की शक्ति भी है। “Everything is within you, You th power to choose” और अब हम जानेंगे, की हम अपने DNA को कैसे बदल सकतें हैं। और हम आपको कोई भी जादू नहीं बताने वाले हैं।

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हम अपने DNA को कैसे बदल सकतें हैं?

जो शरीर के स्थूल शरीर के DNA हैं उनको ही frequency पर vibrate करवातें हैं। और यह जो शरीर है, इसके लिमिट के बैरियर को तोड़कर हम यह मान लें की मैं ही creater हूँ। मैं कुछ भी कर सकता हूँ। और हम हमारे मन को उस consious में लेकर जातें हैं। इस शरीर को हमें उस विश्वास के vibration में परिवर्तित कर देना है। तो यह vibration उसकी बीमारी को desolve करना शुरू कर देता है। और हमारे DNA बहुत तेजी से बदलने लगतें हैं। और किसी भी बीमारी को ख़त्म कर सकतें हैं। और हम दूसरों को देखकर जलन करतें हैं की वह successful है। मैं क्यों नहीं हूँ, और हम ऐसा करके कोई ना कोई गलत vibration पैदा करतें हैं। तो यह जो vibration है। हमारे भीतर से ही आ रहा है।

उस vibration को ही हमें बदलना होगा। और वे जो इगो के कारण दूसरे सभी लोंगों को निचा दिखाना चाहतें हैं। सभी लोंगों को नियंत्रण में करना चाहतें हैं। सभी लोगों का अपमान करना चाहतें हैं। तो हमें हमेशा ऐसे नकारात्मक vibration से बचना चाहिए हम ख़ुशी चाह रहें हैं। तो ख़ुशी को खोजें गलत माध्यम को न खोजें। और जैसे ही आप पॉजिटिव vibration महसूस करतें हैं। तो आपके DNA में बदलाव आना शुरू हो जाता है। तो अगर आप अपने DNA को बदलना चाहतें हैं, तो हर रोज एक या आधा घंटा मेडिटेशन का अभ्यास करना शुरू कर दीजिए। और मेडिटेशन में यह महसूस करिये की मेरे अंदर बदलाव आ रहा है।

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Final Words

हम उम्मीद करतें हैं की हमारा यह लेख आपके लिए बहुत ही उपयोगी और मददगार रहेगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर share करें। आपको किसी लगी यह जानकारी हमें comments box में comments करके जरूर बतायें। धन्यवाद!

Rohit Yadav

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