दोस्तों आपने तो ROM का नाम तो सुना ही होगाै। आपको अपने जीवन ROM शब्द का नाम बहुत बार सुनने को मिलता हैै। आप जब भी कोई मोबाइल या कंप्यूटर खरीदने जातें है तो आप उसमें सबसे पहले इसका का जिक्र करतें हैं। इसे कंप्यूटर या मोबाइल में कितना GB का RAM दिया हुआ हैै।
कुछ लोंगों को लगता है कि मोबाइल या कंप्यूटर का ROM जितना अधिक होगा वह उतना ही अधिक फ़ास्ट काम करेगाै। कभी – कभी आप लोंगों ने देखा होगा कि आपके Mobile का Internal Storage 16 GB का होता है, लेकिन उससे कुछ कम ही दिखता है तो की इस post में आपके सारे doubt clear हो जायेंगेै।
ROM के कम होने पर मोबाइल या कंप्यूटर Hang करने लगेगाै। तो हैल्लो दोस्तों मेरा नाम रोहित यादव है दोस्तों आज कि इस Article में मैं आप लोंगों को ROM के बारे में बताऊंगा और इससे से जुड़ी सारी जानकारी दूँगा। आशा करता हूँ कि मेरा ये Article आप लोंगों को पसंद आयेगा।
ROM क्या होता है ? (What is ROM)
इसका का पूरा नाम Read Only Memory हैै। ROM भी RAM की तरह एक Memory होती हैै। ROM Primery Memory का ही हिस्सा होती हैै। इसका उपयोग Data को Read करने के लिये किया जाता हैै। इस Memory में पहले से ही Program Store रहते हैं जिन्हें Delete नहीं किया जा सकता इन्हें केवल Read किया जा सकता हैै।
जब हम अपने कंप्यूटर या मोबाइल को On करते हैं तो यह स्वतः ही संचालित हो जाता हैै। इसमे में उपस्थित program BIOS के नाम से जाने जाते हैं। BIOS का पूरा नाम Basic Input Output System हैै। ROM Non-Volatile मेमोरी होती हैै।
- यह, RAM से सस्ता होता हैै।
- ROM स्थिर होता है इसे बार – बार refress करने की जरुरत नहीं होती हैै।
ROM के प्रकार (Types Of ROM)
यदि हम ROM बात करें ROM के प्रकार की तो ROM मुखतः तीनप्रकार की होती है –
- PROM (Programmable Read Only Memory)
- EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
- EEPROM (Electracally Programmable Read Only Memory)
PROM (Programmable Read Only Memory)
PROM (Programmable Read Only Memory) की बात की जाये तो इसमें program को एक केवल एक बार ही लिखा जाता हैै। PROM (Programmable Read Only Memory) एक बार जो program लिखा जा चुका है उसे हम बदल नहीं सकते हैं।
- PROM (Programmable Read Only Memory)
- EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
- EEPROM (Electracally Programmable Read Only Memory)
EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)
EPROM ( Erasable Programmable Read Only Memory ) में लिखे गये program को Delete करके लिखा जा सकता हैै। इस Memory से program को Delete करने का काफी अलग तरीका हैै। EPROM से program को Delete करने के लिये Ultra Voilet Light को तकरीबन 40 Minute तक Pass किया जाता हैै।
EEPROM (Electracally Erasable Programmable Read Only Memory)
EEPROM की बात करें तो इसमें लिखे गये program को हम आसानी से अपडेट कर सकते हैं। EEPROM भी EPROM की तरह ही होता है लेकिन इसमें लिखे गये program बहुत fast delete हो जाते हैं। यह एक प्रकार से Computer की Electricty होती हैै।
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आशा करता हूँ कि मेरा ये Article पसन्द आया होगा। आप को मेरे द्वारा दी गयी जानकारी कैसी लगी मुझे Comments करके जरुर बतायें। यदिआपको कोई सवाल पूछना है तोआप मुझे Comments करके पूछ सकते हैं। और मेरे Blog को Subscribe करना न भूलें। धन्यवाद!

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